Pyar kyo hota hai

faceless young trendy couple holding hands while going downstairs in metro station

Pyar को शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता और ना ही Pyar की कोई परिभाषा है। इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है। ये तो एक ऐसा खूबसूरत  एहसास है जो दो लोगो को बहुत गहराई से आपस में जोड़ता है। ये एक ऐसा बंधन है जो दो लोगों को रूह की गहराई से बांध देता है। Pyar आसानी से किसी से हो तो सकता है पर आसानी से ख़त्म नहीं हो सकता।

प्यार कब होता है ? (When we feel love?)

anonymous romantic couple standing near bridge and enjoying cityscape

Pyar की कोई निश्चित उम्र या समय नही होता। ये तो जब होना होता है बस हो जाता है। प्यार कभी भी हो सकता है। ये स्कूल के दिनो में हो सकता है, ये collage के दिनों में हो सकता है, ये किशोरावस्था में हो सकता है। प्यार शादी के बाद भी हो सकता है, प्यार बुढ़ापे में भी हो सकता है। ये तो एहसास है जो कभी भी, किसी से भी, किसी को भी देखकर हो सकता है और धीरे धीरे समय के साथ गहरा होता जाता है।

प्यार कहाँ और कैसे होता है?

ये नही कहा जा सकता कि Pyar कहाँ, कैसे और किससे हो जाये?  आपको आपके आस पड़ोस में प्यार हो सकता है,  अपने स्कूल, कॉलेज में साथ पढ़ने वाले साथी से हो सकता है, अपने  teacher  से हो सकता है, आपकी कंपनी में साथ में  काम करने वाले से हो सकता है, रिश्तेदारी में हो सकता है। किसी की अच्छाईयां, खूबियाँ, खूबसूरती आपको कहीं भी भा सकती हैं।

कोई आपको शादी में पसंद आ सकता है, कोई आपको कॉलेज कैंटीन, या कॉलेज लाइब्रेरी में पसंद आ सकता है, कोई किसी कोचिंग सेन्टर में पसंद आ सकता है तो कोई आपको मन्दिर, स्टेशन, ट्रेन, या बस में पसंद आ सकता है। मतलब कहने का ये है कि आपको कहाँ कोई पसंद आ जाये ये कहा नहीं जा सकता है।

बस इतना ध्यान रखना चाहिए कि अगर वह कुछ समय के लिए ही है या उसका ख्याल कुछ दिनों के बाद दिलों दिमाग से निकल जाता है तो ये प्यार नहीं Attraction  है। लेकिन अगर उसका अहसास आपको बार बार हो, उसका ख्याल, उसकी याद बार बार आये तो समझ जाना चाहिए कि आपको Pyar हो गया है।

क्या होता है जब प्यार होता है? (Kya hota hai jab pyar hota hai)

जब किसी को किसी से प्यार हो जाता है तो उसकी दुनियाँ बहुत बदल जाती है। एक अलग ही एहसास होता है प्यार का। प्यार में कभी – कभी इंसान बेवजह भी मुस्कुराता रहता है। जब किसी को किसी से प्यार होता है तो हर पल उसके ख्याल में, उसकी यादों में वही होता है जिससे वह प्यार करता है। उसकी हर अच्छी, बुरी बात अच्छी लगने लगती है।  बार – बार उसे देखने का, उससे मिलने का मन करता है। उसके पास रहने को दिल करता है।

ऐसा मन करता है कि वो हर पल सामने रहे, पास रहे, साथ रहे।  उसकी गलतियों पर भी प्यार आने लगता है।  उसकी पसंद के काम करने लग जाते है। उसकी पसंद के हिसाब से खुद को बदलने लग जाते है। रोमांटिक movie देखना शुरू कर देते है, रोमांटिक गाने सुनना,  गाना शुरू कर देते हैं।  रोमांटिक शायरी पढना शुरू कर देते है और यहाँ तक कि शायरी करना भी शुरू कर देते हैं।

उसके फोन का, उसके मैसेज आने का इंतजार रहता है। फोन चाहे किसी का भी हो, ऐसा लगता है कि जैसे उसी ने किया है। उसके नाम का पासवर्ड रख लेते है। एक दिन भी मिलना न हो या बात न हो तो बेचैन हो जाते है। उसकी ख़ुशी के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हो जाते है।

एकतरफा प्यार किसे कहते है?

एकतरफा Pyar भी ना जाने कैसा होता बाहर से तो खुश होता है इंसान लेकिन अंदर से बहुत रोता हैं। जब लड़का या लड़की में से कोई एक Pyar करता है तो उसे एक तरफा प्यार कहते है सच में गजब का प्यार होता है यह। परिस्थियां अलग-अलग हो सकती है जैसे की आप जिससे प्रेम करते है, हो सकता है वह आपको ठीक से जानते भी न हो अगर जानते भी हो तो वह आप का अच्छा या अच्छी दोस्त न हो। आपका एक तरफा प्यार कॉलेज, स्कूल, कोचिंग या फिर आप जहां काम करते है वहा या फिर कही भी हो सकता है।

एक तरफा प्यार का एहसास  कैसा होता है?

एक तरफा Pyar मे गजब का एहसास होता है। दिल और दिमाग मे हमेशा एक घबराहट सी बनी रहती है जिन लोगों को one sided love हो जाता है उन्हे पता नही होता की वह भी हमसे प्यार करता है या नही और वह हमारे बारें मे क्या सोचता या सोचती हैं। इसलिए घबराहट का होना कोई आच्श्रर्य की बात नही है।

जब हम उसे किसी के साथ बात करते देखते है तो कसम से दिल में आग सी लग जाती हैं और problem यह होती है की हम उससे कुछ कह भी नही सकते है और न ही उससे खुलकर कुछ पूछ सकते है ख्वाब मे आकर कब वह नींद खराब कर दे इसका भी कुछ पता नही होता। उसे दिल और दिमाग से निकालना बड़ा मुश्किल हो जाता है।

भूल जा उसे कुछ केस में ऐसा देखने को मिलता हैं कि वह अपने प्रेमी को देखना चाहते है और उससे बात भी करना चाहते है लेकिन जब वह सामने आ जाते है तो सब उल्टा हो जाता है वह उससे अपनी नजरे चुराने लगते है यहां तक की वह उससे बात भी नही करते। उसके सामने ऐसा behavior करते है जैसे मानो की वह उससे नाराज हो। हालांकि ऐसा यह एकतरफा प्यार और दोनों तरफा प्यार दोनों से ही ऐसा देखने को मिलता हैं।

एक तरफा प्यार मे दिल और दिमाग की आपस में बिल्कुल नही बनती मानों दोनो मे आपस मे युद्ध हो जाता है। दिल बार-बार उसी का ख्याल लाता हैं और दिमाग कहता है रहने दे वह तुझसे प्यार नही करते क्यों सोच रहा हैं तू उसके बारें में? छोड़ दे यह प्यार के चक्कर में मत पड़।

कुछ केस में, लोग शायद ऐसा इसलिए करते है क्योंकि वह उसे बताना नही चाहते की वह उससे प्यार करते है। क्योंकि शायद उन्हें ऐसा लगता है कि अगर उसे पता चला तो शायद वह बात करना भी छोड़ दे। उसे इस तरह से देखते है कि उसकी नजर हम पे न पड़े। और कुछ केस में लोग सीधे जा के उसे बता देते है कि मै तुम से प्यार करता हूं या करती हूँ ऐसे मे या तो वहां से कोई जबाव ही नही आता या फिर ज्यादातर केस मे वह मना कर देता या देती है।

जहां से कोई जबाव नही आता वे लोग उम्मीद लगाए हुए होते है की जबाव आएगा और उनका दिल और भी बेचैन हो जाता है और जिन लोगो को जबाव में ना मिलता है उन लोगो के ऊपर क्या गुजरती होगी यह तो वही लोग जान सकते है। बहुत ही कम केस मे वहां से हाँ का जबाव आता हैं।

पांच वजहों से हम प्यार में पड़ जाते हैं

प्यार हमेशा से एक रहस्य रहा है, और इसका यही हिस्सा बहुत आकर्षक बनाता है। हम अभी भी पूरी तरह से उन कारणों को नहीं समझते हैं कि हम प्यार में क्यों पड़ते हैं और दूसरे क्यों नहीं।

जिस चीज को हम “रसायन विज्ञान” कहते हैं , वह है, किसी भी चीज से अधिक, विशिष्ट लक्षणों के प्रति आकर्षण। जब आप इनमें से कई लक्षणों के साथ किसी से मिलते हैं, तो एक चयनात्मक चुंबकीय बल बनाया जाता है जो आपको उस व्यक्ति तक खींचता है। तो हम प्यार में क्यों पड़ते हैं? यहां पांच अलग-अलग सिद्धांत हैं।

लाइक अट्रैक्ट लाइक

हालांकि कई लोगों का मानना है कि पुरानी कहावत “विरोधों को आकर्षित करती है”, अध्ययन बताते हैं कि यह वास्तव में सच नहीं है। समानताएं आकर्षित करती हैं क्योंकि रोमांटिक प्रेम में आपसी पहचान तंत्र का एक सेट होता है। आपके प्यार में पड़ने के लिए, आपको यह महसूस करना होगा कि दूसरा व्यक्ति किसी न किसी तरह से आपकी पुष्टि करता है।

क्या होता है कभी-कभी ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति में बहुत परिभाषित लक्षण हो सकते हैं जो दूसरे व्यक्ति में इतने स्पष्ट नहीं होते हैं या किसी कारण से बाधित होते हैं। साथ ही, दो लोग एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं क्योंकि जो चीजें उन्हें बांधती हैं, वे काफी मजबूत होती हैं। जो भी हो, वैज्ञानिकों का तर्क है कि आप उन लोगों के प्यार में पड़ जाते हैं जो आपके जैसे हैं।

वे आपको आपकी माँ या पिताजी की याद दिलाते हैं

यह लोकप्रिय व्याख्या वास्तव में वैज्ञानिक अनुसंधान द्वारा समर्थित है। किसी ऐसे व्यक्ति के साथ प्यार में पड़ना बहुत आसान है जो आपके माता-पिता के समान लगता है। यह पहली बार में आपके लिए स्पष्ट नहीं हो सकता है, लेकिन यदि आप इसके बारे में अधिक सोचते हैं तो आपको पता चलेगा कि यह सच है।

आपके माता-पिता में से एक के लिए समानता शारीरिक हो सकती है, जैसे कि वे मुस्कुराते हैं। हालांकि, समानता सबसे अधिक बार व्यक्तित्व-संबंधी है। सुरक्षा, नियंत्रित करना या मांग करना, आदि उन लक्षणों को अपने माता-पिता के लिए अपने प्यार से जोड़ना आसान है।

अच्छी बातचीत

अच्छी बातचीत शायद प्यार में सबसे निर्णायक कारक है। किसी के साथ होने के कारण आप आसानी से बात कर सकते हैं जिससे आपको अच्छा महसूस होगा। हर कोई चाहता है कि जो सुनने और महसूस करने के लिए कृपालु और संचार के बिना सक्षम है।

अनुसंधान से पता चलता है कि किसी के साथ आपकी व्यक्तिगत बातचीत होने के बाद, आप उस व्यक्ति के लिए एक निश्चित समानता महसूस करते हैं। यदि आपके साथी के साथ आपकी बातचीत स्वाभाविक रूप से चलती है, तो आप उनके साथ रहने की अधिक संभावना रखते हैं।

एक्स्ट्रोवर्सन आपको प्यार में पड़ जाता है

अनुसंधान यह भी दर्शाता है कि बहिर्मुखी लोग गैर-बहिर्मुखी लोगों की तुलना में “अधिक प्यार को प्रेरित करते हैं” । यह पहले बिंदु से संबंधित है क्योंकि यह बहिर्मुखी लोगों के लिए संवाद करने और लोगों को सहज महसूस कराने के लिए आसान लगता है । उस संदर्भ में, पारस्परिक आकर्षण अधिक होने की संभावना है।

जब कोई इस बारे में खुला होता है कि वे क्या सोचते और महसूस करते हैं, तो यह विश्वास, गर्मजोशी और निकटता को प्रेरित करता है। हालांकि, इन्ट्रोवर्ट्स इस तरह के संचार के साथ एक कठिन समय रखते हैं। यह निश्चित रूप से इसका मतलब यह नहीं है कि वे प्यार में नहीं पड़ते हैं लेकिन उनके लिए रिश्ता शुरू करना उतना आसान नहीं है।

एक्सट्रीम एक्सपीरियंस शेयर करना

किसी के साथ एक चरम अनुभव साझा करना आमतौर पर उनके बीच एक बंधन बनाता है । इसके अलावा, अगर संभावित दंपति को उन चीजों का पता चलता है जो उनके पास अनुभव के दौरान हैं, तो यह और भी अधिक संभावना है कि वे प्यार में पड़ जाएंगे। समस्यात्मक अनुभव भी प्यार को बढ़ाते हैं।

जब आप अपने जीवन में कठिन समय से गुजरते हैं, तो आप अधिक समझदार बन जाते हैं। आप किसी के साथ जुड़ाव महसूस कर सकते हैं क्योंकि आप एक साथ स्काइडाइविंग करते थे या क्योंकि आप दोनों किसी प्रियजन को खो देते हैं। विज्ञान दर्शाता है कि इस प्रकार की परिस्थितियाँ आपको अन्य लोगों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील बनाती हैं – वे क्या करते हैं, कहते हैं, साझा करते हैं, आदि।

हम प्यार के “तर्क” को पूरी तरह से नहीं समझ पाएंगे। हालाँकि, विज्ञान कुछ सुराग प्रदान करता है कि हम प्यार में क्यों पड़ते हैं।

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2 Thoughts on Pyar kyo hota hai
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    10 Jan 2021
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